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कहानी: प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण

जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रविकुमार ने  उउ
ने दो वर्ष पूर्व भारी बरसात में जो श्यामनगर कस्बे के प्राथमिक  स्वास्थ्य केन्द्र का निरी क्षण कर जो अनुपस्थित स्ठॉफ के खिलाफ कार्यवाही की थी  उसका दंड आज तक  पूरा अमला भोग र था  किसी की वेतन वृद्धि रुकी थी तो कोई सस्पेण्ड  हुआ था। सस्पेण्ड होपे वाले बहाल तो हो गए थे लेकिन उनकी रुकी वेतन वृद्धि आज तक नहीं मिली थी । जिससे  प्रतिमाह वेतन में बड़ा नुक्सान उठाना पड रहा था यहो हाल उन कुछ षासकीय स्कूलों के स्टॉफ का हुआ था जो बच्चों की छुट्टी होने पर खुद भी स्कू  अनुपस्थित रहे थे।
बात दो वर्ष फूर्व की है भारी वर्षा  के कारण श्यामनगर में उल्टी दस्त वायरल फीवर एवं मलेरिया के मरीजों की संख्या बहुत बढ गई थी जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकेरी को यै सूचना मिली की श्यामनगर का पी  एच सी बंद है सिर्फ एक ड्रेसर  प्रभु सिंह ही उपस्थित हुए हैं  अधिकारी जी इस  सूचना   पर अस्पताल का निरीक्षण किया तो बात सही निकली उपस्थिति रजिस्टर लेखापाल की अल्मारी मैं बंद था अस्पताल का सारा स्टॉफ बी एम ओ की बेटी सुमन का जन्मदिन मना रहा था इधर अस्पताल में मरीज परेशान हो रहे थे रविकुमार जी ने  अपने सूत्रों से कार्यक्रम की सी सी टी वी फुटेज मँगवा ली थी  उसी आधार पर सबके खिलाफ कार्यवाही की थी  प्रभु सिंह डूरेसर जिसका अगले माह रिटायर मैन्ट  था वो इस कार्यवाही से बच गए थे। कार्यवाही करने के बाद रविकुमार डेपुटःशन पर बंगाल चले गए थे  उनके बिना कार्यवाही विलोपित नहीं हो पा रही थी यही उनके दुख का सबसे बड़ा कारण था इस कार्यवाही से आम जनता बहुत खुश थी निरीक्षण के बाद अस्पताल की दशा में तो सुधार हुआ था। पर  उनकी कार्यवाही खत्म नहीं हुई थी।
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रचनाकार
प्रदीप कश्यप 

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