कुछ लोग बड़े चालाक चतुर,चपल होते हैं वे किसी की खूब झूठी तारीफ करके उसे फुलाकर कुप्पा बना देते हैं जिससे वो अपनी औकात भूल जाता है फिर उसे चने के झाड़ पर चढ़ाने की बात करते हैं चने का ऐसा झाड़ तो नहीं मिलता जिस पर कोई आदमी चढ़ सके। लेकिन जो फूल कर,अपनी औकात भूल जाता है वो ऐसा मिटता है जिसका सँभलना मुश्किल हो जाता है। हाट बाजारों में अगरबत्ती के पैकेट से रुपये निकालने का झाँसा देने के लिए वे ठग अपने आदमी को पैकेट बेचकर मोटी रकम दिदलवा देते हैं उसके धोखे में तमाशबीन अगरबत्ती के पैकेट खरीदते चले जाते हैं लेकिन उन्हें,एक धेला भी नसीब नहीं होता। किसी को चने के झाड़ पर चढ़ाने की बात करने वाले अपना उल्लू सीधा करने के लिए ऐसा करते हैं। जिसका शिकार बनने वाला बेबस होकर रह जाता है। दंसरी ओर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मनोबल गिराकर उसकी भविष्य की संभावनाओं पर कुठाराघात करते हैं। यह किसी इंसान की योग्यता और कार्यक्षमता देखकर उससे जलन रखने लगते हैं। ऐसा इंसान अगर कोई स्टार्ट अप शुरू करना चाहे तो यह उसका मनोबल बुरी तरह तोड़कर रख देते हैं जिससे उसकी उन्नति के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। य...
एक ओर जहाँ लोग काम की अधिकता से हैरान है दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे हैं जो फ़ुरसत से परेशान है उनके पास करने को कोई काम ही नहीं है वे काम करना चाहते हैं पर उनको समझ में ही नही आता कि वे क्या काम करें उनमें से बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो पहले काम के बोझ से लदे हुए थे वे चाहते थे कभी उनके पास भी फुरसत ही फुरसत हो। जब उन्हें फुरसत मिली तो कुछ दिन तो वे बड़े खुश रहे फिर वो फुरसत उनकी परेशानी का कारण बन गई अब वे काम करना चाहते हैं पर कोई उनसे काम कराना ही नहीं चाहता। राकेश एक दुकान पर काम करता था वो अपने काम में माहिर था लेकिन उसका व्यवहार सही नहीं था दो और काम करने वाले थे उन्हें वो परेशान करता था। कहता था सारा काम में ही तो करता हं यह दो करते ही क्या हैं। दुकानदार,ने उसे सबक सिखाने के लिए एक दिन कहा आज से राकेश कोई काम नहीं करेगा बस यह दुकान पर,आएगा और चुपचाप बैठा रहेगा इसे बैठे रहने की तनख्वाह मिलेगी राकेश को पहले तो खूब खुशी हुई बाद में वो फुरसत से परेशान हो गया। आखिर उसने काम के लिए मिन्नतें कीं माफ़ी माँगी तब कहीं उसे काम सौंपा गया। ऐसा ही लाभमल जी के साथ हुआ उनकी दुकान ऊनके बेटे नरेन्...