कहा जाता है कि जो विश्वासघाती होता हे वो पहले अपना विश्वास जमा देता है वो विश्वास किसी के दिल में इतनी गहराई से जमाता है कि सामने वाला सपने में भी यह नहीं सोच पाता कि यह कभी विश्वासघात भी करेगा । और यही उसकी सबसे बड़ी चूक होती है। वो विश्वास रखकर आश्वस्त हो जाता है विश्वासघाती यह अच्छी तरह से जनता है कि विश्वास को सिर्फ एक बार ही तोड़ा जा सका है। क्योंकि विश्वासघाती पर कोई कभी फिर से विश्वास नहीं करता। इसलिए वो तगड़ा अवसर ढूँढ कर ऐसा विश्वासघात करता है कि सामने वाले को कभी सम्हलने का ही मौका नहीं मिलता वो हक्का बक्का रह जाता है और विशूवासघाती विश्वासघात करके अपने संबंध हमेशा के लिए ख़त्म कर देता है। एक बहुत पुरानी घटना है पोस्ट ऑफिस में डाक सहायक की रिक्ति निकली थी। उस समय स्थानीय स्तर पर ही भर्ती हो जाती थी। दो मित्त थे जीतेन्द्र और,महेन्द्र जीतेन्द्र को इसकी खबर सबसे पहले चली उसके हायर सेकेण्डरी में बावन प्रतिशत अंक थे और महेन्द्र के छियालीस प्रतिशत। उसने यह बात महेन्द्र को बताई दोनों ने आवेदन तैयार किए जीतेन्द्र किसी कारण वश आवेदन जमा करने नहीं जा सका।उसने अपना आवेदन भी ...
एक बुजुर्ग व्यक्ति कह रहे थे कि अपनी जीवन भर की कमाई को कौन लूटता है? फिर ख़ुद ही बोले सबसे पहले लुटेरे तो अपने वाले ही होते हैं जो बुढ़ापे में तुमसे तुम्हारी दुकान छीन लेते हैं। जमीन छीन लेते हैं मकान पर कब्जा कर लेते हैं इमोशनल ब्लेकमेल करके रकम जेवरात हथिया लेते हैं । पेंशनर की पैंशन छीन लेते हैं उसके लिए आपस में लड़ते हैं। ऐसा ही एक मामला एस डी एम साहब की कचहरी में पेश हुआ जिसमें बेटे बहू ने माँ की आठ एकड़ जमीन हथिया ली थी पूरा मकान हड़प लिया था माँ के लिए एक छोटी कोठरी छोड़ी थी उससे भी उसे बेदखल,करने की तैयारी चल रही थी। माँ को वो खाना भी नहीं देते थे माँ भीख माँगकर अपना पेट भर,रही थी और उसकी जमीन पर मौज करने वाले बहू बेटे पोते पोती पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। वे भाव शून्य संवेदना शून्य बने हुए थे किसी ने इसकी शिकायत एस डी एम साहब से कर दी तब उन्होंने पन्द्रह सौ रुपये की रेशि भरण पोषण के लिए बेटे से दिलवाने का निर्णय पारित किया। यह तो वो बात है जो सामने आ गई पर बहुत से मामले दबे हुए हैं किसी ने अपने ही घर में चोरी कर के बूढ़ी माँ के जेवर चुरा लिए हैं। एक बहू बेटे ने त...