जो चकचौंध की असलियत जानते हैं वे साधारण होना पसंद करते हैं वे अपनी इच्खा से साधारण जिंदगी जीते हैं उनकी कोई बड़ी महत्वाकाँक्षा नहीं होती। वे जानते हैं साधारण होने का सुख कुछ अनोखा ही है। साधारण आदमी को जीवन जीने की सरलता मिली होती हृ वो खास लोगों को कभी नहीं मिलती। पंडित बृजबिहारी कभी साधारण व्यक्ति थे छोटे से आयोजनों में शामिल होते थे। एक बार उनके कुछ शिष्यों के कहने से उन्होंने भगवत कथा सुनाई । उससे जो उनका कथा वाचन करने का क्रम शुरू हुआ तो फिर वो कभी बंद नहीं हुआ। कभी घर के लिए भरपेट भोजन नहीं जुटा पाते थे । मकान का किराया देना मुश्किल होता था ।बहुत कम दान दक्षिणा मिलती थी लेकिन भागवत कथा के वाचन ने उनकी जिंदगी बदल कर रख दी। खूब पैसा मिला पहले लाखों में अब करोड़ों में बहुत बड़ा आश्रम बनाया। लाखों शिष्य बनाए पाँट सौ करोड़ का बैंक बेलेंस और अरबों की पार्पटी आज उनके पास प्राइवेट जेट है। अच्छा प्रभाव है ऊँची राजनैतिक पहुँच है। नौकर चाकरों की फौज है। बॉडी गार्ड हैं। सुख साधन संपन्नता तो है पर आजादी पूरी तरह छिन गई है। वे बिना अंगरक्षक के कहीं आ जा नहीं सकते। सार्वजनिक जगह पर साधारण...
कुछ,लोग की बोली में जितनी मिठास होती है उससे अधिक उनके मन में कड़वाहट भरी रहती है अगर किसी के सामने उसकी जब जी खोलकर ख़ूब तारीफ करते हैं तो वो यही समझता है कि इनसे बड़ा और कोई शुभचिंतक हो ही नहीं सकता । लेकिन ऐसे लोग पीठ फंरते ही कड़वा मुँह बनाकर,ऐसी बुराई करते हैं कि अगर वो सुन ले तो उसके तन बदन में आग लग जाए। यह सामने बुराई करने की हिम्मत नहीं कर सकते । एक ऑफिस में निरीक्षण के समय छोटे साहब बड़े साहब अपनी अधीनस्थ मेडम रंजना की खूब बुराई कर रहे थे। बड़े साहब यही समझ रहे थे कि इनके बीच में मन मुटाव होगा। वे बुराई करते हुए थक भी नहीं रहे थे बड़े साहब के सामने उन्होंने मेडम को नकारा बददिमाग और,लापरवाह घोषित कर दिया तभी अचानक रंजना मेडम आ गई उन्हें देखकर वे पहले तो सकपका गए फिर उन्होंने रंग बदलने में गिरगिट को भी मात दे दी। अब वे रंजना मेडम की तारीफों के पुल बाँध रहे थे बड़े साहब उनको इतनी जल्दी पलटी मारते हुए देखकर चकित थे। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कोई इतनी जल्दी रंग भी बदल सकता है। ऐसे लोग कभी किसी के काम से संतुष्ट नहीं होते पर सामने अपने असंतोष को कभी जाहि...