हमारे समाज की संरचना शायद कुछ ऐसी है जिसमें समर्थ को कोई दोषी नहीं ठहराता उसके अवगुणों को भी गुण मान लिया जाता है उसकी बड़ी गलतियाँ भी लोग नज़र अंदाज कर देते हैं। जबकि कमज़ोर की छोटी गलती को बढ़ा चढ़ाकर बडी बताई जाती है और उसे कड़ी सजा दे दी जाती है उसकी कहीं कोई सुनवाई भी नहीं होती। कभी कभी ऐसा भी होता है कि कोई समर्थ जब गलती करता है तो उसका बदला छोटों से निकाला जाता है। उसे जबरन दोषी ठहराकर उसे इसकी कड़ी सजा दे दी जाती है। छोटे लाल जमींदार के यहाँ हाली का काम करता था खेत में बनाए मालिक के दिए मकान में रहता था । एक दिन उसका नौ वर्ष का लड़का सतीश रोते हुए आया और बोला एक लड़के ने जब में खेल?रहा था तब मुझे अकारण आकर मारा और बहुत मारा कह रहा था कि तेरे बाप में भी इतनी हिम्मत नहीं है जो मेरा कुछ बिगाड़ सके। सुनकर छोटेलाल को बहुत गुस्सा आया उसने बाँस की पतली छड़ी उठाई ओर उस लड़के के पास आया। लेकिन लड़के को देखते ही उसके हाथ पैर ढीले पड़ गई हाथ की छड़ी छूट गई। बड़े अदब से बोला छोटे मालिक आप । वो लड़का छोटेलाल के मालिक का बेटा था शहर में रहता था नंब एक का घमंडी गरीबों से नफ़रत करने ...
कहते हैं कि अगर अच्छे रिश्तेदार से ज्यादा कोई सुख प्रदान नहीं कर सकता । तो वहीं बुरे रिश्तेदारों से अधिक दुखदायी कोई भी नहीं हो सकता। इन रिश्तों में अपने खून के रिश्ते भी शामिल होते हैं। सबसे निकट का रिश्ता पति पत्नी का माना जाता है पर उनमें भी अगर अहं की लड़ाई हो या किसी एक का स्वभाव खराब हो तो दूसरे की ज़िंदगी नर्क से भी अधिक बदतर हो जाती है एक रिश्ता जीजा साले का भी होता है जिसमें सबसे ज्यादा विवादास्पद रिश्ता साले का समझा जाता है तभी तो किसी को साला कहना गाली समझी जाती है। अगर किसी की तरक्की देखकर सबसे अधिक जलने वालों की सूची बनाई जाए तो उसमें अधिकांश रिश्तेदार ही शामिल होते हुए नज़र आएँगे। हाँलाकि इसमें मतभेद हो सकते हैं पर ज्यादातर लोगों का यही कहना होता है। अनिल ने एक आवासीय भूखण्ड का सौदा किया था पास में ही उसके साले दीपक का भी मकान था। अनिल से इतनी गलती हो गई कि उसने भूखण्ड की रजिस्ट्री होने के पहले यह बात अपने साले को बता दी। साले ने ऊपरी तौर पर तो ख़ुशी जताई पर भीतर ही भीतर?जल भुनकर खाक हो गया। उसने भूखण्ड के मालिक से मिलकर उसे इतना भड़काया कि उसने भूखण्ड बेचने से ...