वैसे तो किसी के यहाँ अगर किसी की मौत हो जाए तो उनके दुखों को देखकर पत्थर दिल वाला भी पिघल जाता है दुश्मन भी अपनी दुश्मनी भुलाकर संवेदना प्रगट करने लगता है पर ऐसे लोगों को क्या कहोगे जो किसी की मौत से मन ही मन खुश होते हैं और ऊपर से घड़ियाली आँसू बहाते हैं ऐसे लोगों में अगर खास अपने रिश्तेदार भी शामिल हों तो आप उन्हें क्या कहोगे । आपको शायद विश्वास न हो पर ये सच है । अगर आप मालूम करोगे तो ऐसे उदाहरण आपके आस पास ही बहुत सारे मिल जाएँगे।
कुछ ऐसे उदाहरण है जिनका यहाँ उल्लेख करना उचित होगा।
दो सगे भाई हैं। एक भाई को तीन लड़कियों के बाद पुत्र की प्राप्ति हुई उसकी उसे खुशी तो हुई पर जब कुछ दिन बाद उसके सगे भाई के यहाँ दूसरे पुत्र का जन्म हुआ तो उसकी दुगुनी खुशी ने इसको दुख में डुबा दिया । लेकिन जब कुछ दिनों बाद उसके दूसरे पुत्र की अकस्मात मौत हो गई तो इसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा अपने बेटे की मौत से दुखी माँ को जब किसी ने बताया कि तुम्हारा सगा देवर यह कह रहा था कि अच्छा हुआ इसका बेटा मर गया। इसे अपने दो बेटों के होने पर बड़ा गर्व था इसका वो गर्व चूर चूर हो गया। यह सुनकर मृत बेटे की माँ अवाक रह गई क्योंकि उसके बेटे की मौत पर उसके देवर ने खूब घडियाली आँसू बहाए थे इस घटना ने उनके बीच हमेशा के लिए दूरी बना दी। दूसरी घटना निस्संतान चाची सास के मरने तथा उसकी जायदाद मिल जाने की खुशी चाची के जिठोत की बहू को इतनी हुई की उसे रोने के लिए बहुत अभिनय करना पड़ा भीतर उसे हँसी आ रही थी जिसे वो दबाए हुए थी। एक बहू तो खुल के अपने ससुर से कहती थी ये बुढ्ढा जाने कब मरेगा अमर होकर आया है क्या सारी जमीन जायदाद पर कुंडली मारे हुए साँप की तरह से कब्जा करके बैठा हुआ है। जिसकी वजह से हम ठीक से नहीं रह पा रहे। हमारा जीना मुहाल कर रखा है। और जब वो मर गए तो उस संवेदन हीन बहं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
जरा इस पर विचार करें लोग कितनी मुश्किल से धन कमाते हैं पाई पाई जोड़कर जमीन जायदाद खरीदते हैं किनके लिए अपने बच्चों के लिए और वही बच्चे जब उनके मरने की बददुआ दें तो उनके दिल पर क्या गुजरती होगी ऐसी घटनाएँ बहुत हैं सारी घटनाओं का उल्लेख कर पाना संभव नहीं है । पर यह तो सही है कि लोग स्वार्थ में इतने अंधे हो गए हैं कि इंसानियत उन्हें नजर नहीं आ रही है। यह हमारे समाज को जिस दिशा में ले जाना चाहते हैं उससे डरावनी कोई दिशा नहीं हो सकती।
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रचनाकार
प्रदीप कश्यप
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