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कहानी: पर्यवेक्षक

आठवीं की परीक्षा में पर्यवेक्षण के दौरान सस्पेण्ड होने से बचे कमल सर आज बड़ी राहत की साँस ले रहे थे। क्योंकि जिसके कारण वे सस्पेण्ड होने वाले थे वो परीक्षार्थी महेश आज आए रिजल्ट में पास हो गया था।
कमल सर पहले प्राथमिक शाला करमन खेड़ी में पदस्थ थे। उनका हाल ही में प्रमोशन हुआ था और वे यु डी टी बनकर माध्यमिक शाला आमगाँव में आए थे। उन्हें कार्यभार ग्रहण करे कुछ ही दिन हुए थे तभी आठवीं की परीक्षा आ गईं। कमल सर की ड्यूटी पर्यवेक्षण हेतु कक्ष क्रमाँक दो में लगा दी गई थी। कमल सर अच्छी तरह से अपनी ड्युटी कर रहे थे। वहीं एक परीक्षार्थी दीपक अपने आगे बैठे परीक्षार्थी अमित को बार बार परेशान कर रहा था कुछ बताने के लिए। इस पर कमल सर ने दीपक को डाँट दिया तथा चेतावनी दी कि अगर फिर उसने ऐसा किया तो उसकी कॉपी छीनकर कक्ष से बाहर कर दिया जाएगा। दीपक का पेपर तो पूरी तरह बिगड़ गया था लेकिन उसने मन ही मन में अमित तथा कमल सर से बदला लेने का इरादा कर लिया था। परीक्षा जैसे ही समाप्त हुई तो कमल सर ने सबकी कॉपी एकत्रित की और पेड पर जमाकर रख ली तथा कुछ लिखापढ़ी करने लगे। दीपक ने मौका देख अमित की कॉपी निकाल ली तथा उसे अपने साथ लेकर चल दिया। इधर जब कमल सर कॉपी जमा करने आए तो एक परीक्षार्थी की कॉपी न होने पर घबरा गए, पसीना पसीना हो गए। सीधे सरल स्वभाव के थे निराश होकर कह रहे थे अब मुझे सस्पेण्ड होने से कोई नहीं बचा सकता। इससे अच्छा तो मैं प्रमोशन ही नहीं लेता तो कम से कम ये नौबत तो नहीं आती। उनकी ये हालत देखकर शर्मा जी ने उन्हें दिलासा दी। दूसरे सर पाठक जो तुरंत स्कूल परिसर में आ अपने तरीके से उन्होंने सारी जानकारी ली और तुरंत अपने विश्वसनीय छात्रों को दीपक तथा अमित को शाला में वापस लाने के लिए भेजा। कॉपी दीपक के पास थी उसने छात्रों को अपनी तरफ आते देख तुरंत उस कॉपी को फाड़कर रस्ते में फेंक दिया और भाग गया। छात्र अमित की फटी हुई कॉपी के टुकड़े बटोरकर ले आए थे। दूसरे छात्र अमित को ले आए। सभी शिक्षकों ने केन्द्राध्यक्ष से अनुरोध किया की सर कमल सर की नौकरी का मामला है। थोड़ा कन्सीडर कर लीजिए। केन्द्राध्यक्ष जी कमल सर को जानते थे। वे बोले मैं हद से हद एक घंटे का समय दे सकता हूँ। इसके बाद यह बंडल मुझे केन्द्र पर जमा करना होगा। पाठक जी ने तुरंत एक खाली कॉपी ली और अमित से कहा कि मात्र एक घंटे का समय है। इतने समय में तुम्हें इस कॉपी पर पूरा पेपर हल करना है। अमित तेजी से प्रश्न पत्र हल करने लगा और उसने एक घंटे में प्रश्न पत्र हल कर दिया था। पाठक जी ने वो कॉपी बंडल में रखवाई इसके बाद बंडल को सील पैक किया गया। जिसे लेकर केन्द्राध्यक्ष महोदय जमा कराने आ गए। कमल सर पाठक जी को कृतज्ञता भरी नज़रों से देख रहे थे और पाठक जी कह रहे थे कमल सर चिंता मत करो आपकी नौकरी पर जरा भी आँच नहीं आने देंगे। कमल सर को रिजल्ट की प्रतीक्षा थी। आज जब रिजल्ट आया और अमित पास हो गया इसकी उन्हें खुशी थी। दीपक को तो फेल होना ही था उसका उन्हें कोई दुख नहीं था।


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रचनाकार
प्रदीप कश्यप

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