छोटेलाल ड्राइवर को नगर निगम में नौकरी करते हुए पूरे सत्ताइस साल हो गए थे वो सबसे कुशल और समझदार ड्राइवर माने जाते थे निगम के आयुक्त ब्रजकिशोर सुमन की कार वे विगत पंद्रह वर्षों से चला रहे थे सुमन जी का अगर कोई एकमात्र विश्वसनीय था तो वे थे छोटेलाल ड्राइवर छोटेलाल को रहने के लिए सुमन जी ने अपना निजी डुप्लेक्स दे दिया था जिसका किराया वे छोटेलाल जी से नहीं लेते थे। छोटेलाल जी ने जब सत्ताइस साल पहले दैनिक वेतन भोगी के रूप में निगम में ड्राइवर की नौकरी की शुरुआत की तब वे ड्राइविंग नहीं जानते थे ड्राइविंग लायसेंस जरूर उनके पास था जो उनके मित्र ने पैसे लेकर बनवा दिया था उनका दोस्त मुकेश आर टी ओ दलाली का काम करने लगा था। छोटेलाल को रोजगार कार्यालय के माध्यम से ये नौकरी मिली थी उन्हें निगम की जीप चलाने का कार्य दिया गया था। छोटेलाल साधारण परिवार से संबंधित थे उनके पिताजी हम्माल थे दो दिन बाद उन्हें नौकरी पर जाना था। दो दिन में उन्हें चार पहिया वाहन कौन सिखाता वो भी मुफ्त में आखिर एक दूर के रिश्तेदार अशोक का पता उन्हें लगा जो ट्रेक्टर चलाता था। वे उसके पास गए उसने दो घंटे तक छोटे...