संतोष वर्मा का पूरा परिवार बरसात शुरू होते ही ग॔भीर,रुप से बीमार पढ्र गया था पत्नी को टाईफाइड हुआ था लड़के रोहित को पीलिया हुआ था लडकी रूबी को खूनी दस्त लग रहे थे संतोष जी को किडनी और लीवर में इन्फेक्शन निकला था पूरे जुलाई माह में सबका इलाज चला था जिसमें उनके पूरे साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हो गए थे गलती उनकी इतनी थी कि उनके पड़ोस में ठेले पर हाथ की चरखी रख गन्ने का रस बेचने वाले धनराज से उन्होंने पूरी गर्मी के मौसम में गन्ने का रस लेकर पिया था। बाकी तो घर का बना खाना ही वे सब खाते रहे थे। जब संतोष को गन्ने के रस के दूषित होने का पता लगा तब तक देर हो चुकी थी। वे एक रिश्तेदार की शादी में गए थे वहाँ बर्फ की आवश्यकता पड़ी जब वे बर्फ डिपो बर्फ खरीदने गए तो वहाँ उन्होंने खाने में उपयोग आने वाली बर्फ माँगी सुनकर डिपो वाला मुस्कुराया बोला खाने वाली बर्फ पच्चीस रुपये किलो है। एक क्विंटल की सिल्ली ढाई हजार रुपये की आएगी और सादी बर्फ चार सौ रुपये की केटरर के कर्मचारी ने फोन लगाकर जब अपने मालिक से बात की तो उसने कहा चार सौ रुपये वाली सिल्ली लेकर आ जाओ। बर्फ डिपो वाला बो...