जो बड़े लोग खुशामद पसंद होते हैं उनमेंसे आधिकाँश अहंकारी होते हैं खुशामदी लोग इनकी खुशामद करके खुश कर लेते हैं खुश करने के बाद वे इनकी कृपा पाकर जो पद हथिया लेते हैं उससे दूसरो पर रौब गाँठकर बड़े खुश होते हैं ये खुशामदी लोग कई बार योग्य लोगों के हक पर भी डाका डाल देते हैं। प्रायः स्वाभिमानी लोग खुशामद नहीं करते न ही खुशाभद कराना पसंद करत हैं ऐसे लोग हर हाल में जीना सीख जाते हैं उन को ये खुशामदी लोग अपने से कम करके आँकते हैं।जितना बड़ासाहब होगा उसके खुशामदी उतते ही ज्यादा होंगे ये साहब की खुशामद तो करेंगी साहब के कुत्ते तक ची खुशामद करने में इन्हें कोई परहेज नहीं रहता । ऐसे ही एक खुशामदी टाइप के व्यक्ति थे चतर सिंह वे शिक्षा विभाग में नौकरी करते थे विभाग के जिलाधिकारी खुशामद पसंद थे उनकी खूब खुशामद कर के चतर सिंह ने योग प्रशिक्षण में अपना नाम का आदेश निकलवा कर पहले प्रशिक्षण प्राप्त किया उसमें भी उनकी खुशामद करने की कला काम आई वे सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करके आ गए अब साहब की कृपा से इन्होंने जिला योग प्रशिक्षक का पद हथिया लिया और अपनी पोस्टिंग जिला कार्यालय में करा ली...