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कहानी: एक और जन नेता का खत्म होना

निर्दलीय  होकर नगर निगम के महापौर का चुनाव लड़ने वाले  वीरेन्द्र जी  जब चुनाव भारी बहुमतों से जीते थे तब उनकी छवि साफ सुथरे ईमानदार जन नेता की थी पर महापौर बनने के बाद वे अपना जनाधार खो चुके थे किराये के मकान में रहने वाले आज आलीशान कोठी के मालिक थे करोड़ों रुपये की संपत्ति उनके पास थी उनके सारे करीबी रिश्तेदार जो कभी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते थे वे आज शहर के धनी मानी लोगों में गिने जाते अब वीरेन्द्र जी शहर के वी आई पी तो थे पर जननेता नहीं। वीरेन्द्र जी जब महापौर का चुनाव लड़े थे तब वे एक जुझारू नेता थे और जो उस समय महापौर थे जिनका नाम लीलाधर था वो नंबर वन के भ्रष्ट इंसान थे  जनता उन्हें बिल्कुल नहीं चाहती थी वीरेन्द्र तब अपनी हर सभा में कहते रहते थे कि मैं अगर महापौर बन गया तो  लीलाधर जेल में होंगे उनके द्वारा किए भ्रष्टाचार की जाँच कराई जाएगी लीलाधर के खास जो नगर निगम के अधिकारी थे उनको वीरेन्द्र जेल भिजवाने की बात कहते थे। जनता वीरेन्द्र जी पर बहुत भरोसा करती थी जब वीरेन्द्र जी चुनाव लड़े तब उनके पास फूटी कौड़ी भी नहीं थी जनता ने चंदा देकर उन्हें चुनाव लड़वाया था वीरेन्द्र जी ने चुनाव बाद उनका ऐतिहासिक विजय जुलूस निकला था जिसकी व्यवस्था उनके चार विश्वसनीय सहयोगियों ने की थी। वीरेन्द्र जी ने मसापौर पद की शपथ ले ली थी और महापौर की कुर्सी पर विराजमान हो गए थे जनता ने उन्हें काम करने का मौका दिया था। उसी दिन शाम को वीरेन्द्र जी की लीलाधर जी से किसी ने अज्ञात स्थान पर गुप्त मीटिंग कराई थी उसमें लीलाधर जी ने ऑफर दिया था कि अगर मेरे खिलाफ एक्शन नहीं लोगे तो शहर का सबसे आलीशान बँगला जो हाईवे पर दस एकड़ जमीन पर बना है वो आपका हो जाएगा इसके अलावा मैं आपको बीस करोड़ रुपये अपनी और से  आपको अलग से दूँगा ये बात सुनकर वीरेन्द्र जी की आँखें चमक उठीं। उन्होंने अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया अवसर का लाभ उठाते हुए उन्होंने लीलाधर जी से समझौता कर लिया इसके बाद तो वीरेन्द्र जी पर लक्ष्मी की कृपा बरसने लगी। उन्हें पार्टी में भी शामिल कर लिया गया था। अब वीरेन्द्र जी के पास पुराने कोई कार्यकर्ता  नहीं थे। अब तो वे हर समय चापलूसों से घिरे रहते थे।  जिन्हें वीरेन्द्र अब भी वफ़ादार ही समझते थे। जनता उन से भेद करने लगी थी शायद जनता उनके स्थान पर कोई दूसरा जन नेता तलाश करना चाहती थी।

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रचनाकार
प्रदीप कश्यप

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