तीस साल पहले अपनी पत्नी सुनीता की बेवफ़ाई से पीड़ित सुरेश तलाक के बाद आज पचपन साल की उम्र में गोद लिए बेटे श्याम मोहन एवं राघव तथा बिटिया सोनिया के साथ सुखपूर्वक रह रहे थे और उनकी साथ बेवफ़ाई कर प्रेमी से शादी करने वाली सुनीता तिरेपन साल की उम्र में अकेली रहकर अपना जीवन गुजार रही थी उसका दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं था जिसे वो अपना कह सके। सुरेश की शादी जब सुनीता से हुई थी उसके पहले उसने सुनीता से कहा था कि यदि वो किसी से प्रेम करती हो तो बता दे ।कहीं वो माँ पिता के दवाब में आकर तो शादी नहीं कर रही तब सुनीता ने ऐसी किसी बात से इंकार कर दिया था और फिर सुनीता तथा सुरेश की शादी हो गई थी । सुरेश ने दहेज में कुछ भी नहीं लिया था उसके पास पैसे की कमी नहीं थी सुरेश बिजली का ए क्लास का ठेकेदार था उसकी बाजार में बिजली के सामान की सबसे बड़ी दुकान थी बड़ा घर था जिसमें सुख के सभी साधन मौजूद थे सुरेश को सुनीता ने अपने प्रेमी की भनक नहीं लगने दी थी वो जिससे प्रेम करती थी उसका नाम रोहन था वो अवारा था कोई काम नहीं करता था तथा नशे का भी आदी था सुरेश से शादी कराने में उसकी भी भूमिका थी दोनों ...