गजल **** सर सब्ज नजारे जन्नत के ******** बारिश में सर सब्ज नजारे जन्नत के। दिन आए हैं यार तुम्हारी उल्फत के। काश्मीर की अब तस्वीर बदलना है। खत्म कर दिए मौके सारे दहशत के। जीवन की इस दौ...
गजल सिर क्यों झुकाए हैं। ******************** आप उनके सामने सिर क्यों झुकाए हैं। लादकर जो पाप अपने साथ लाए हैं। है हमें मालूम आगे क्या करेंगे वो। चाल उनकी देखकर ये जान पाए हैं। सामने सबके भल...
गजल तपता रहा ************ जेठ में जो खूब ही तपता रहा। बादलों की ओट ले छिपता रहा। रौब अपना जो दिखाता खूब था। आज क्यों हर ऐक से डरता रहा। चोट खा बैठा नहीं चुपचाप वो। दोगुना ले जोश फिर लड़त...
गजल सामना डटकर करेंगे ***************** तुम्हारा सामना डटकर करेंगे। कभी डरकर नहीं पीछे हटेंगे। लुटाएंगे जिन्हें हम प्यार ज्यादा। वही बेकार में हमसे लड़ेंगे। जहां पे दोस्ती में घात ह...
गजल बात कुछ कहना नहीं ********************* हमको सफाई में हमारी बात कुछ कहना नहीं। लेकिन तुम्हारी बात सुन खामोश भी रहना नहीं। सब छोड़ दें हमको भले परवाह इसकी क्यों करें। रहके वहां उनके सितम ...
गजल खामोश क्यों ************* बोलना था हो गए खायोश क्यों। देखकर उसको हुए गुम होश क्यों। रौब उस कमजोर पे गालिब किया। देखकर मजबूत गायब जोश क्यों। बात सीधी साफ सी हमने कही। आपको सुनके हु...
गजल सूना लगा संसार सारा *************(********* तुम नहीं थे एक बस सूना लगा संसार सारा। ढूंढते हम थक गए हैं खो गया है प्यार सारा। जो निडर हो सच कहे इतनी नहीं हिम्मत किसी में। चापलूसों से भरा है आप...
गजल धोखा दिया है। ****************** हमें क्यों आपने धोखा दिया है। भलाई का यही बदला दिया है। बिछे जो जाल मुश्किल से हटाए। हमें फिर आपने उलझा दिया है। वही अच्छा यहां इक आदमी था। उसे भी आपने ...
गजल किसी को हम नहीं ठगते ********************************* ठगे चाहे हमें दुनिया किसी को हम नहीं ठगते। सभी से प्रेम करते हैं जरा नफरत नहीं रखते। मिले दिल हों अगर तो दूरियां नजदीक लगती हैं। बसा लेते हमे...
गजल वफा करते रहे ********************* बेवफा तुझसे वफा करते रहे। इस तरह जीते हुए मरते रहे। जब जरूरत प्यार की सबको पड़ी। फालतू में लोग तब लड़ते रहे। नेकियां उनसे नहीं बिल्कुल हुईं। पाप का ले...
गजल ***************** बड़ा विश्वास था ************ आप पर हमको बड़ा विश्वास था। दिल हमारा आपके ही पास था। छोड़कर अधबीच में वो जाएगा। कुछ नहीं इसका हमें अहसास था। ये निकटता भी कहां अच्छी रही। पास मे...
गजल यादें बची हैं ******************** खो गया सारा समय यादें बची है। फैसले के बाद फरियादें बची हैं। बाप मां का हों बुढ़ापे में सहारा। अब बहुत ही कम वो औलादें बची हैं। काम से उसको कभी फुरसत मि...
गजल बातें पुरानी **********************( याद हैं हमको सभी बातें पुरानी। आपकी शह मात वो घातें पुरानी। चांदनी में साथ हम तुम घूमते थे। लौटकर आती नहीं रातें पुरानी। भीगने के बाद में फिर कंपकंपा...
गजल हमारा रहेगा ********************** हमारा रहा जो हमारा रहेगा। जमाना भले लाख कुछ भी कहेगा। हुई पार हद है करो बंद अब तो। सितम आपके और कितने सहेगा। पसारे हुए पंख उडता रहा वो। कदम वो मिलाकर नही...
गजल लाचार कर देंगे ************************** वो झुकाकर के तुम्हें लाचार कर देंगे। आपकी इज्जत बनी बेकार कर देंगे। मान लेंगे आपकी हर बात वो हंसके। सामने सबके भले इंकार कर देंगे। आपको सर पे बिठाक...
गजल हमेशा सनम ********************* रहे प्यार कायम हमेशा सनम। नहीं प्यार में फिर मिले रंज गम। न दौलत हमें चाहिए और कुछ। मिली जिंदगी तो करें प्यार हम। नतीजा दुखों से हुए प्यार का। हमारी हुई ह...
गजल धूप से राहत मिली ********************* प्यार बरसाया जरा सा थूप से राहत मिली। ताप से झुलसे हुए को छांव सी चाहत मिली। मुश्किलों में दोस्त सारे छोड़कर के चल दिए। इस मुसीबत में हमें बस आपसे ह...
गजल फालतू पड़ते रहे ***************** उलझनों में फालतू पड़ते रहे। बात कुछ भी थी नहीं डरते रहे। दुश्मनों से जूझना आया नहीं। आपसी में लोग ये लड़ते रहे। आपसे ज्यादा नहीं बलवान था। आप उसके क...
गजल सब प्रेम से मिलते रहो ************************** है चार दिन की जिंदगी सब प्रेम से मिलते रहो। सब लोग हैं अपने सगे सबका भला करते रहो। बेकार में जोखिम उठाना है समझदारी नहीं। भीतर निडरता पाल के बा...
गजल सूखी है नदी **************** ताल सूखे और सूखी है नदी। आग पानी की हुई कब दोस्ती। लोग नफरत पाल के जीते रहे। प्यार से हमने गुजारी जिंदगी। ये समय गुजरा कहीं ठहरा नहीं। आखिरी में हो गई इसकी ...
गजल ले नाम बस छलते रहेंगे *********************** दोस्त अपने प्यार का ले नाम बस छलते रहेंगे। यूं लगेगें वे पराये पर सगे बनते रहेंगे। लोग सुनके बात उनकी मान लें सच्चा भले ही। बात झूठी वो मगर हर ब...
गजल कौन ऐसा जो उठाए। ******************* गिरों को कौन ऐसा जो उठाए। गुजरता शख्स हर ठोकर लगाए। समझते थे हमें सुख खूब देगा। उसी ने दुख हमारे हैं बढ़ाए। चलाते झूठ का सिक्का रहे थे। खुला सच तो बह...
गजल नहीं फिर भेद पाला है। ******************** किया है प्यार जब दिल से नहीं फिर भेद पाला है। अंधेरे को हटाकर आ गया कितना उजाला है। अमीरों के लिए रोटी कमाना है नहीं मुश्किल। बहुत जोखिम भरा लेक...
गजल जिंदगी हमने गुजारी *******************( जिंदगी हमने गुजारी प्यार से। क्यों शिकायत हम करें संसार से। मुश्किलों का सामना डटकर करें। दिख रहे हैं लोग क्यों लाचार से। मानते जो बात फंसते ज...
गजल नेकियों के साथ ********************** नेकियों के साथ हम रहते रहे। काम हर अच्छे भले करते रहे। लोग चाहे कह रहे नादान हों। पर बदी से खूब हम डरते रहे। इस शहर में अजनबी हम ना रहे। रोज ही रिश्ते नए...
गजल साहूकार माने ******************* चोर को क्यों लोग साहूकार माने। जो मचाएं लूट चौकीदार माने। उस नकारा को सभी सिर पे चढ़ाएं। आदमी जो काम का बेकार माने। हीन समझें जो करे सबकी भलाई। डाकुओं ...
गजल मौसम सुहाने ******************** फिर दुबारा आएंगे मौसम सुहाने। गरमियों के जाएंगे सारे जमाने। आप जब थे साथ तब की बात क्या थी। याद आते हैं हमें वो दिन पुराने। भूल पाए हम नहीं उनको कभी भी। ...
गजल प्यार करते हैं *************************** जिंदगी तुझसे भले हम प्यार करते हैं। मौत से लेकिन नहीं इन्कार करते हैं। इस तरह हमको डराना है नहीं मुमकिन। हर चुनौती आपकी स्वीकार करते हैं। जान की पर...
गजल सोने से वो चमके नहीं ******************* धूप में काले पड़े सोने से वो चमके नहीं। देख अपना रंग गहरा यार वे चहके नहीं। लोग लापरवाह थे जो वे फिसलकर गिर गए। बोझ जिनकी पीठ पर था वो जरा बहके नही...
गजल सबको जगाया बाद में ****************** पहले सुबह सूरज जगा सबको जगाया बाद में। कांटे लगाए डाल पे गुल को खिलाया बाद में। ये प्रेम का था इम्तहां जो फेल था वो पास है। तड़फा दिया पहले बहुत दिल ...
गजल अपनी खुशी हमने मिला दी ********************** हर खुशी में आपकी अपनी खुशी हमने मिला दी। रोशनी से भर गया दिल प्रेम की ज्योति जला दी। आओगे बनके बहारें जिंदगी में आप मेरी। बस यही उम्मीद में सा...