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कहानी: बीमारी

प्रकाश चंद जी कृषि विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे । आज उनकी बेटी रोशनी की शादी सादगी से संपन्न हो गई थी। जिसमें उनका बहुत कम पैसा खर्च हुआ था जिस नवयुवक रोहन ने रोशनी से शादी की थी उसका दो दिन पहले ही आइ ए एस में चयन हो गया था इसके साथ ही उसे करोड़ों रुपये की दहेज वाली शादी के ऑफर आए थे मगर उसने रोशनी से दहेज रहित शादी की थी और वो इससे बहुत खुश था प्रकाश जी की खुशी का तो ठिकाना ही नही था उनके परिवार में पूरे एक महीने बाद खुशी का अवसर जो आया था इसके पूर्व तो प्रकाश जी की गंभीर बीमारी ने पूरे परिवार को महीने भर दुखी और चिंतित कर दिया था।
प्रकाश जी की एक माह पूर्व अचानक तबियत खराब हो जाने के कारण उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जहाँ वे बोस दिन भर्ती रहे पूरे बारह दिन आइ सी यू में तथा आठ दिन सामान्य वार्ड इन बीस दिनों में उनके पूरे पंद्रह लाख रुपये खर्च हो गए थे।जिससे उनकी बेटी रोशनी की शादी के लिए जोड़ा गया लगभग सारा पैसा खर्च हो गया था ।
प्रकाश जी की सत्ताइस साल की नौकरी हो गई थी उनकी बेटी रोशनी की शादो अगले माह होने वाली थी इसके लिए उन्होंने पंद्रह लाख रुपये अपने जी पी एफ से निकाले थे तथा पाँच लाछ का पर्सनल लोन लिया था सब कुछ ठीक चल रहा था । पर उनकी बीमारी ने सब कुछ बिगाड़ दिया था रोशनी की जिस लड़के से शादी होने वाली थी उसका नाम विकास था और वो भी कृषि विभाग में संविदा पर नियुक्त कर्मचारी था। विकास के पिता याम लाल जी ने शादी तय करते समय दस लाख रुपये नगद तथा पाँच लाख रुपये के जेवर तथा तीन लाख रुपये के अन्य सामान की माँग की थी जिसमें टीवी फ्रिज वाशिंग मशीन ऐसी शामिल थे। विकास रोशनी के मुकाबले उन्नीस ही था पर नौकरी कर रहा था इसलिए प्रकाश जी शादी कराने के लिए राजी हो गए थे । जब उनकी बीमारी में लगभग सारा रुपया खर्च हो गया तो श्याम लाल जी विकास की शादी रोशनी से कराने से इंकार कर दिया और अपने बेटे की शादी कहीं ओर तय कर दी जहाँ लड़की वाला उन्हें खूब दहेज देने को तैयार था। इससे प्रकाश जी अंदर ही अंदर टूट गए थे तभी एक दिन रोहन अपने पिता घनश्याम जी को लेकर उनके घर आया घनश्याम जी ने रोहन से शादी के लिए रोशनी का हाथ प्रकाश जी से माँगा प्रकाश जी को सुनकर उनकी बात पर भरोसा न हुआ लेकिन जब उन्होने दुबारा वही बात कही तब उन्हें विश्वास हुआ प्रकाश जी छः महीने पहले रोशनी का रिश्ता लेकर घनश्याम जी के यहाँ गए थे तब उन्होंने साफ मना कर दिया था कि वे एक साल बाद रोहन की शादी करेंगे सुनकर प्रकाश जी निराश होकर आ गए थे रोहन उनकी बेटी के लिए सर्वथा योग्य वर था पर वे कर ही क्या सकते इसके बाद ही तो उन्होंने विकास से रोशनी की शादी पक्की की थी। घनश्याम जी बोले रोहन का इंकम टेक्स ऑफिसर के पद पर चयन हुआ है। हमारी भी यही इच्छा थी कि आपकी बेटी से हमारे बेटे की शादी हो पर उसकी नौकरी नहीं थी इसलिए हमने इंकार कर दिया था अब जब उसकी नौकरी लग गई तब हमने सोचा कि अब रोहन की शादी कर देना चाहिए तभी हमें पता चला कि आप गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं तथा आपने जो शादी के लिए रुपया इकठ्ठा किया था वो बीमारी में खर्च हो गया जिसके कारण आपकी बिटिया की शादी कैंसिल हो गई है तब हम आपके पास शादी का प्रस्ताव लेकर आए हैं और हमें आपसे सिवाय आपकी बिटिया के और कुछ नहीं चाहिए भगवान का दिया हमारे पास सब कुछ तो है। प्रकाश जी को तो रोहन पसंद था फिर भी उन्होंने रोशनी की राय जानना चाही तो रोशनी ने मम्मी के माध्यम से कह दिया कि उसे भी रोहन पसंद है। इसके साथ ही दोनों घरों में शादी की तैयारियाँ प्रारंभ हो गई तभी जब शादी में दो दिन शेष थे रोहन का आइ ए एस की चयन सूची में नाम आ गया। जब यह खबर,रोहन के समाज में फैली तो घनश्याम जी के पास खूब फोन आने लगे उनमें से सभी लड़की वाले अपनी बेटी की शादी रोहन से कराना चाहते थे और इसके लिए वे करोड़ों रुपये खर्च करने को भी तैयार थे मगर उन्होंने सब को साफ शब्दों में मना कर दिया था रोहन जी की रोशनी से शादी अत्यंत सादगी के साथ संपन्न हो गई थी।


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रचनाकार
प्रदीप कश्यप

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