गजल बुरा बदला निकाला है ******************* हमारी हर भलाई का बुरा बदला निकाला है। जहां मलहम लगाना था वहां तेजाब डाला है। हवा की साजिशें उसने सभी नाकाम कर डालीं। जला तूफान में दीपक उसी का ये ...
गजल मुखौटा वो बदलकर आ गए। ********************** देखकर मौका मुखौटा वो बदलकर आ गए। सामने सबके कसम झूठी सरासर खा गए। देख ली निष्ठा बदलते एक पल में दोस्त की। रंग बदले देखकर गिरगिट सभी शरमा गए। थी ...
गजल ****( फिर से नए लगने लगे। ****** वो बिछड़कर जो मिले फिर से नए लगने लगे। भाव मन में प्रेम के फिर से वही उठने लगे। दूर रहके वो कभी सुख चैन से रह पाए ना। बात दिल की खोलकर हमसे सहज कहने लगे...