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गजल **** सर सब्ज नजारे जन्नत के ******** बारिश में सर सब्ज नजारे जन्नत के। दिन आए हैं यार तुम्हारी उल्फत के। काश्मीर की अब तस्वीर बदलना है। खत्म कर दिए मौके सारे दहशत के। जीवन की इस दौ...